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बुधवार, 6 अक्टूबर 2010

मनुष्य की भावनाएं ....

मुझे अपने अनुभव के आधार पर ऐसा महसूस हुआ की किसी भी अभिव्यक्ति को व्यक्त करने के लिए दो भावनाओं का सृजन होता है-

(१) एक तो सामने वाला सुनना चाहता है वह उसी को व्यक्त करता है ।
(२) दूसरी ऐसी भावनाएं उमड़ती हैं जो उसके अन्दर तो चलाती है परन्तु सामाजिक मान्यताओं और परिस्थितियों के कारण वह उसे व्यक्त नहीं कर पाता ।

ये है मेरे विचार, आप बताएं क्या है इस सन्दर्भ में आपके विचार ?